इस बार फिर से ईद आयेगी, ख़ुशियाँ ही ख़ुशियाँ छायेगी, मेल-मिलन होगा जमकर, चेहरे खिल-खिल जायेंगे, मीठी सिवाईयाँ खाने का मौक़ा एक बार और मिल जायेगा, रमज़ान महीने के बाद जब वह चाँद निकलकर आयेगा, हर तरफ भाई-चारे का नज़ारा…

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ईद का जश्न
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