हमारी प्रकृति रंगों से भरी है। प्रत्येक रंग का अर्थ है और जीवन में उसका बहुत महत्व है। रंगों के बिना अपना जीवन सोचना भी कठिन है। वह कितनी उबाऊ और निष्प्रभ हो जाएगा। सुंदर, चमकीले रंग न सिर्फ हमारी आँखों को अछे लगते हैं किन्तु वह हममें ऊर्जा और फुर्ती भी भर देते हैं। इंद्रधनुष रंगों का बड़ा सुंदर मिश्रण हैं जिसमें हर एक रंग दूसरे रंग के साथ सुंदर लगता है। हमें अपने आस पास प्रकृति में इतने सारे रंग दिखते हैं जैसे कि फल, सब्जियाँ, फूल, पौधे, पक्षी, आदि। हम सभी को पता है कि खाने में रंगों का अपना ही महत्व है। हरी, पत्तेदार सब्जियों के लाभ तो हम सभी को अच्छे से पता हैं। हरा, चमकदार क्लोरोफिल स्वस्थ शरीर के लिए पोशाक तत्वों से भरपूर होता है। स्वास्थ्य और पोषण पर शोध हमारे आहार में सभी प्राकृतिक रंगों के मेल पर ज़ोर देता है। तो अच्छी बात यह है कि अब हमें हर समय अपने आपको सिर्फ हरी सब्जियों से नहीं भरना पड़ेगा। हम जितना चाहें उतना अपनी थाली को रंगीन बना सकते हैं बिना पोषण में कटौती किए। हम सब अपनी आँखों से खाते हैं, चमकदार रंग न सिर्फ देखने में सुंदर होते हैं किन्तु स्वास्थप्रद और पोषक भी होते हैं। इससे हमें खाने में एक नए प्रकार के विचार का पता लगता है- इंद्रधनुषी आहार जिसमें इंद्रधनुष का हर रंग हो।

Rainbow Diet

इंद्र्धनुष खाएं

पोषणविद बिलकुल यही कहते हैं, हर दिन एक इंद्रधनुष खाएं। ज़रा सोचकर देखिये, कितना मज़ेदार होगा न अपनी थाली को रंगों से भरना। दार्शनीय सुंदरता के अतिरिक्त, प्रकृति से उत्पन्न हुये रंगों को खाने से हमारे स्वास्थ्य, मस्तिष्क और हंसी पर गहरा असर पड़ता है। यदि आपको खुश होना है और स्फूर्ति जगानी है तो लाल फल जैसे-स्ट्राबेरी, रस्प्बेरी, टमाटर व सेब खाइये। वे न सिर्फ हमें स्फूर्ति प्रदान करते हैं अपितु एंटीओक्सीडेंट से भी भरपूर होते हैं। भूरा रंग दिमाग की तंदरुस्ती के लिए बहुत लाभदायक है, चाहे वह गेहूं की ब्रेड हो, भूरे चावल या मेवा हो।

अब इंद्रधनुषी रंगों का खाना देखते हैं और उनसे मिलने वाले महत्वपूर्ण स्वास्थ लाभों के बारे में जानते हैं-

लाल

लाल:

इंद्रधनुष का सबसे पहला रंग। वह किसी भी थाली को आकर्षक बना सकता है। लाल रंग के खाद्य पदार्थ जैसे- बेरी, क्रैनबेरी, रसबेरी, आदि कैंसर जैसी बीमारी का खतरा कम करते हैं। टमाटर, लाल शिमला मिर्च, आदि में पाया जाने वाला लाइकोपीन नमक रसायन बहुत अच्छा ऐंटीओक्सीडेंट है। विटामिन सी और बीटा केरोटीन से युक्त तरबूज, अनार और मूली बहुत सी बीमारियों का खतरा कम करने में लाभदायक हैं।

नारंगी और पीला

नारंगी और पीला:

प्रकृति ने हमें नारंगी और गहरे पीले रंगों में चुनने के लिए बहुत सारे खाद्य पदार्थ दिये हैं। नींबू, संतरे, खुबानी, आड़ू, पपीता, कद्दू और दालें भी। इस रंग के खाने में केरोटिनोइड्स, विटामिन सी और बायोफ्लेविनोइड्स अच्छी मात्रा में पाये जाते हैं। वह शरीर में मौजूद रेडिकल और विषैले रसायन से लड़ने में सहायता करते हैं। सुनहरी हल्दी का चिकित्सा के क्षेत्र में जो उपयोग होता है वह तो पूरी दुनिया जानती है। आपके आहर में एक चम्मच मात्र हल्दी ही शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है साथ ही साथ संक्रमण से लड़ने और जोड़ों के दर्द को दूर करने में भी मदद करती है। इसके अतिरिक्त, हल्दी बहुत ही गुणकारी सौन्दर्य औषधि है जिसकी सहायता से स्वस्थ दमकती त्वचा पायी जा सकती है।

विटामिन सी से भरपूर नींबू और संतरे भी स्वस्थ शरीर के लिए बहुत उपयोगी हैं।

हरा

हरा:

हरा रंग तो प्रकृति में हरी पत्तेदार सब्जियों के रूप में भरपूर है जैसे गोभी, पालक, ब्रोकोली से लेकर कम हरे रंग जैसे खरबूज, आवोकाडो, कीवी, खीरा और अवश्य ही चमकदार हरे जैसे शिमला मिर्च, मटर और फलियाँ। अतः, हरे रंग में खाद्य पदार्थों की विविधता है चुनाव के लिए। हरे खाद्य पदार्थ विटामिन बी, सी और ई से भरपूर होते हैं। प्रतिदिन एक कटोरी हरा खाना खाने से लंबे समय के लिए स्वस्थ एवं युवा रह सकते हैं।

नीला और बैंगनी

नीला और बैंगनी:

नीले और बैंगनी रंग वाले खाद्य पदार्थों में ताकतवर एंटी-एजिंग गुण होते हैं और वे हमें संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। स्मरण शक्ति बढ़ाने में और शरीर में ऑक्सीज़न का संचार बनाए रखने में वे अत्यधिक सहायक होते हैं। ब्लूबेरी, किशमिश, सूखा आलूबुखारा,बैंगन, चकोतरा, एलडरबेरी, आदि आपकी थाली को और रुचिर और आकर्षक बना सकते हैं।

अमेरीकन केन्सर सोसाइटी हर व्यक्ति को प्रतिदिन पाँच से नौ फल व सब्जियाँ खाने की सलाह देती है। तो क्यों न इसे इंद्रधनुषी शैली में किया जाए। इस प्रकार हम न सिर्फ पोषक तत्व बढ़ाएँगे किन्तु अपनी थाली में विविधता और रंग भी बढ़ाएँगे। परंतु ध्यान रहे प्राकृतिक रंग वाले फल, सब्जियाँ एवं दाल ही खाएं। कृत्रिम रंग वाले खाद्य पदार्थ न खाएं। इस प्रकार के तैयार खाने में रंगों का प्रयोग उन्हें आकर्षक बनाने के लिए किया जाता है लेकिन वे बहुत सारे हानिकारक रसायनों से युक्त होते हैं। इन रंगों से दूर रहिए और वही खाएं जो प्रकृति ने हमें दिया है।

इस आहार को अपनाए जिससे आप खुश, युवा और स्वस्थ अनुभव करेंगे और अपने आप में अंतर पाएंगे। प्रतिदिन अपने खान पान पर ध्यान रखें और अधिक से अधिक रंग उसमें सम्मिलित करने का प्रयास करें। और यह जानकारी अपने परिवार व मित्रों को भी दें!

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इंद्रधनुषी आहार
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