राघव के अध्यापक ने उसकी मदद करके सिखाया की लगन के आगे असंभव कुछ भी नहीं है। सब बच्चे आज फिर अपना सारा काम खत्म कर के, खाना खा कर खेलने निकल गए। राघव अपना काम धीरे-धीरे कर रहा था।…

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असंभव कुछ भी नहीं
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