नकुल को तमारा से चर्चा करके अनुभूति हुई कि हमेशा वास्तविकता का मार्ग चुनना चाहिए, मिथ्यता का नहीं।  राजस्थान में सप्तरंग विद्यालय बने करीब दस साल हो गए थे। वहाँ मात्र छात्रावास में रहने का नियम था। जिससे वो प्रातः…

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अनन्य की अनुभूति
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