ईशिका के पापा उसके विद्यालय के कार्यक्रम में नहीं आए। तब ईशिका ने अपने दोस्तों को एक कहानी सुनाई।  स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ईशिका के विद्यालय में बहुत बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सभी छात्र अपने माता-पिता के साथ स्कूल आए…

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अदृश्य पत्थर
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