बात तब की है जब रफीक दस साल का था। उसने अपनी अम्मी से पूछा था, “अम्मी, अतिथि कौन होता है?” अम्मी ने कहा, “जो भी अपने घर मेहमान बनकर आता है वह अतिथि होता है” रफीक बड़ी सरलता से…

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अतिथि देवो भवः
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