एक बरगद का बहुत पुराना पेड़ था। उसकी शाखाओं पर अनेक पक्षियों ने अपने घोंसले बना रखे थे। बरगद के तने में कुछ कोटर भी थे, जिनमें चूहे तथा खरगोश रहा करते थे। उनमें आपस में बिल्कुल नहीं पटती थी। उस पर हरिया नाम का एक तोता भी रहता था। वह कहा करता था, “बरगद पर रहने वाले पशु–पक्षियों को आपस में प्रेम से रहना चाहिए, तभी कोई हम पर घात लगाने से डरेगा।” परन्तु सब अपने–अपने काम में मशगूल रहने के कारण हरिया की बात को अनसुना कर देते थे।

एक दिन एक साँप चूहे के बिल में कब्जा कर के बैठ गया। उसने न केवल चूहे के बच्चों का सफाया किया, बल्कि खरगोश के बच्चों को भी चट कर गया। सभी घबरा गए। साँप का ऐसा आतंक फैला कि चिड़ियाँ भी अपने आप को असुरक्षित महसूस करतीं। रात भर चीं-चीं करती रहती, डरी रहती ।

साँप एक ज़हरीला जन्तु होता है। भारत में अनेक प्रजातियाँ साँपो की पाई जाती है। वृक्षों पर रहने वाले साँप हरे रंग के होते हैं, जिससे वे पत्तों में छुप जाते हैं। रेगिस्तान में रहने वाले साँप मटमैले रंग के होते हैं, जिससे वे मिट्टी में छुप कर शत्रुयों से अपनी रक्षा कर लेते हैं। कुछ साँप ज़हरीले नहीं होते। पानी में रहने वाले साँप भी होते हैं, जो मछलियों की तरह पानी में रहते हैं। सबसे बड़ा साँप अजगर होता है। साँप अपने शिकार को निगल कर खाते हैं, ये चिड़ियों के अंडे और बच्चे भी खा जाते हैं।

चिड़ियों को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती रहती। आतंक का भय सब पर छाया रहता। समान दुख ने उन्हें एक–दूसरे के नजदीक ला दिया। वे एक–दूसरे से सहानुभूति रखने लगे। डर के कारण उनका किसी काम में मन न लगता। वे हर समय चिंतित दिखाई देते। उन सब ने आपस में विचार–विमर्श किया कि क्या करना चाहिए। हरिया तोते ने सबको मिल कर रहने और संगठित होकर मुसीबत का सामना करने की सलाह दी। सबने सहमति जाहिर की ।

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सभी पक्षी चिंतामग्न चुपचाप बैठे थे कि साँप बिल से बाहर निकला और पेड़ पर चढ़ने लगा। चिड़ियो ने शोर मचाया तो सभी चैतन्य हो गए और उनहोंने एक साथ साँप पर चोंच मारनी शुरू कर दी। चिड़ियों के एक साथ आक्रमण से साँप घबरा गया। उसके शरीर से जगह–जगह से खून निकलने लगा। वह बेचैन होकर बिल की तरफ भागने लगा। तभी चूहे ने उसकी पूंछ पकड़ कर खींच लिया और उसकी पूंछ काट दी। देखते–देखते ही उसका बुरा हाल हो गया और वह अन्तिम साँसे लेने लगा ।

सभी पक्षियों में खुशी की लहर दौड़ गयी। उन्हें यह समझ आ गया कि मिल कर रहने में ही सबकी भलाई है। डर कर भागने से बचना चाहिए। हिम्मत से एकजुट होकर क्या नहीं हो सकता। संगठन में बहुत शक्ति होती है। यह कमज़ोर को भी शक्तिशाली बना देती है। सभी ने हरिया तोता का धन्यवाद किया और उसे अपना सलाहकार बना लिया।

बच्चों सब को आपस में मिल कर रहना चाहिए। यह अजेय शक्ति है।

शब्दार्थ

  • कोटर – पेड़ का खोखला भाग
  • मशगूल – व्यस्त
  • चिंतामग्न – चिंता में
Sunset (Kai Engel) / CC BY 4.0
अजेय शक्ति
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